श्रीनृसिंहविज्ञापनम्

प्रकाशकीय
श्रीनृसिंहविज्ञापन एक पद्यात्मिका रचना है जो श्रीनृसिंहाश्रम के द्वारा प्रकट हुइ है ।
यह ग्रन्थ श्रीनृसिंह की परब्रह्मत्वेन वन्दना करता हुआ प्रारम्भ होता है । उसके बाद ग्रन्थकार कहते हैं कि वह किसी भी ऐसे व्यक्ति को ढूँढ नहीं पा रहे हैं जो उनके ज्ञान की परीक्षा कर सके , अतः श्रीनृसिंह भगवान् को ही परीक्षक बनाकर सुनाते हैं ।

यह ग्रन्थ वाराणसी से १९३४ में अद्वैतसिद्धान्तविद्योतन के परिशिष्ट के रूप में छप चुका है । प्रकाशक था राजकीय संस्कृत महाविद्यालय । इसके सम्पादक पण्डित श्री सूर्यनारायण शुक्ल जी थे ।
इस ग्रन्थ का सम्पादन पुनः श्रीमल्ललितालालितः के द्वारा किया गया । उन्होंने इस ग्रन्थ को अपने जालस्थल पर धारावाहिक के रूप में प्रकाशित भी किया ।
चूँकि ललितालालितः किसी भी अन्य पाण्डुलिपि को प्राप्त न कर सके , अतः यह संस्करण पूर्णतया प्रकाशित संस्करण पर आधारित है । उन्होंने पाठ को सुधारने का यथासम्भव प्रयास किया है ।
  • आप निःशुल्क pdf निम्न स्थानों से प्राप्त कर सकते हैं  : 
  1. Archive.org
  2. Scribd.com
  • pdf का सशुल्क-संस्करण यहाँ से प्राप्त करें : 
  1. Pothi.com
  • छपी पुस्तक के लिये यहाँ पर आदेश दें  : 
  1. Pothi.com

3 comments:

  1. Super Site; really grateful

    ReplyDelete
  2. The King Casino | Review of Casino | RTP - Joker
    The king septcasino casino review - everything communitykhabar you need https://jancasino.com/review/merit-casino/ to titanium flat iron know about casinosites.one this popular casino. It's all about quality and quantity.

    ReplyDelete
  3. Other sports noted for heavy wagering are boxing, basketball, baseball, cricket, ice hockey, canine and camel racing, and jai alai. Professional sports leagues updated their positions once more on May 14, 2018, when the Supreme Court of the United States overturned the Professional and Amateur Sports Protection Act of 1992 . Proposition bets are wagers made on a really specific outcome of a match not associated to the final rating, usually of a statistical nature. Disney owns ESPN, the preferred 먹튀사이트 먹튀프렌즈3 sports community within the country, and a relationship between leading sportsbooks and the community could mint profits for the corporate.

    ReplyDelete